सोमवार, 16 नवंबर 2009

नर की सफ़लता के पीछे नारी



पहचाना इन्हें?

जी नहीं, यह कोई पहेली कान्टेस्ट नहीं है:)

कहते हैं कि हर सफ़ल नर के पीछे एक नारी का हाथ होता है। ऐसी नारी भला पत्नी से अच्छी और कौन हो सकती है। अधिक पहेलियाँ न बुझाते हुए हम यह बता दें कि यह सफल नारी [एक गृहणी के तौर पर भी] उस सफल पुरुष की पत्नी है जो क्रिकेट में एक ऐसा कीर्तिमान और इतिहास रचने जा रहा है जिसे शायद ही कोई और खिलाड़ी तोड़ पाये। यह क्रिकेट युगपुरुष है सचिन तेंदुलकर और उनके पीछे जिस नारी का हाथ है उसे अंजलि तेंदुलकर के नाम से जाना जाता है।

अब नारीवादी यह नारा न लगाएँ कि इसने अपने नाम के पीछे पति का नाम क्यों जोडा :)


7 टिप्‍पणियां:

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

BTW: बैटिंग इन्होने ही सिखाई थी क्या ? या फिर मीडिया के प्रचार प्रसार में इनका खूब हाथ चला ? :)

Rajey Sha ने कहा…

नर की सफलता के पीछे एक ही नारी होती है

और सफलता मि‍लने के बाद ढेरों नारि‍यां साथ देती हैं।

महफूज़ अली ने कहा…

bahut achchi lagi yeh charcha,.....

राज भाटिय़ा ने कहा…

नर की सफलता ओर असफ़लता के पीछे एक ही नारी होती है, यह सब जानते है, नर सिर्फ़ कमाना ओर घर की सुरक्षा ही करता है, नारी ही अलग अलग रुपो मे बच्चे से ले कर बुढापे तक नर को बनाती है... मां बच्चे मे हिम्मत भरती है संस्कार डालती है, बहिन उसे प्यार सीखाती है बीबी उस के बच्चो को ओर उस के घर को सम्भाल कर उस का साथी बनती है( सिर्फ़ अच्छी बीबी) ओर बेटी उसे फ़िर से यह तीनो रुप दिखाती है, सच मै नारी महान है

आप की इस पोस्ट मै हम पी.सी.गोदियाल की टिपण्णी से सहमत है

Dr. Mahesh Sinha ने कहा…

पीछे का जमाना गया अब आगे है नारी

SACCHAI ने कहा…

" bahut hi accha raha ye post "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

AlbelaKhatri.com ने कहा…

achha laga

dhnyavaad !