गुरुवार, 24 सितंबर 2009

आतंक की नई धुरी


अफ़गानिस्तान के निम्रोज़ इलाके के हाजी जुमा खान के लगभग दो सौ मकान पाकिस्तान में बताए जाते है, इसके अलावा चार महल विभिन्न देशों में भी हैं। उनकी शानोशौकत के चर्चे ग्रिचेन पीटर्स ने अपनी पुस्तक ‘सीड्स ऑफ़ टेरर: द तालिबान, द आइ एस आइ एंड द ओपियम वार्स’ में किया है। हाजी जुमा खान के इस रईसाना ठाठ के पीछे है उनका चरस, अफ़ीम और हेरोयन का कारोबार।


इस्लामी जिहाद के पीछे हाजी का हाथ बताया जाता है जिसने तालिबान, अल कायदा तथा इस्लामिक मूवमेंट आफ़ उज़्बेकिस्तान जैसी संस्थाओं को आर्थिक सहायता दी। नतीजा यह हुआ कि अफ़गानिस्तान में मुल्ला उमर व ओसामा बिन लादेन के साथ साथ पाकिस्तान की आइ एस आइ और दाउद इब्राहिम की जोड़ी भी इन से मिल कर इस क्षेत्र को जिहाद के नाम पर दहशतगर्दी का क्षेत्र बना दिया है।


१९९३ के बम कांड के बाद दाऊद को आतंक फैलाने के लिए पकड़ने की कोशिश जब भारत में चल रही थी तो वह पाकिस्तान भाग खड़ा हुआ। बताया जाता है कि आइ एस आइ की मदद से वह कराची में पनाह लेने लगा। हाजी और दाऊद के साथ का नतीजा यह हुआ कि करोड़ो डालर की तस्करी और काला धन आराम से कराची के सट्टा बाज़ार में लगने लगा।


दुख तो यह है कि इतना सब जानते हुए भी विश्व की सारी ताकत भी इन आतंक फैलाने वालों को अपना हाथ नहीं लगा पा रही है और यह लोग दुनिया की सब से बड़ी ताकत कहे जाने वाले अमेरिका को ९/११ के हमले के आठ वर्ष बाद भी मुँह चिढ़ा रहे हैं!!!!!

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Courtesy: India Today [28th September2009]-based on excerpts from Review by Amitabh Mattoo on the book `Seeds of Terror: The Taliban, The ISI and the Opium wars' written by Gretchen Peters

7 टिप्‍पणियां:

SUNIL DOGRA जालि‍म ने कहा…

सार्गार्वित मुद्दा

Udan Tashtari ने कहा…

सार्थक आलेख...विचारणीय

Mithilesh dubey ने कहा…

सोचने को बजबुर करता आपका सार्थक लेख।

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

अमेरिका भी सिर्फ दिखावे के लिए लड़ रहा है, उसका वास्तविक उद्देश लम्बे समय तक इस क्षेत्र में अपनी गतिविदिया बनाए rakhnaa है !

rishabhuvach ने कहा…

बताया तो जाने क्या क्या जाता है ,पर हो कुछ नहीं पाता.
क्या कभी यह संभव है कि पाकिस्तान अपने पालतुओं को सामने ले आए.
नहीं न ! तो बस सब कारोबार ऐसे ही चलता रहेगा.

''हिंसा की दूकान खोलकर
बैठे ऊँचे देश.
खुसरो कैसे घर जाएगा
रैन भई चहुँदेश..''

SACCHAI ने कहा…

" gaheri soch me daal diya aapke is lekh ne ..bahut hi rochak lekh ke liye aapka aabhar ..aur badhai "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

http://hindimasti4u.blogspot.com

संजीव तिवारी ने कहा…

सीपी गोदियाल जी नें जो लिखा है वही इसका सत्‍य है.