गुरुवार, 23 जुलाई 2009

बर्मा भी परमाणू!?


खबर है कि म्यांमार[बर्मा] भी परमाणु बम बनाने की तैयारी में है और उत्तर कोरिया उसे इस काम में मदद कर रहा है। यह भी आशंका है कि उत्तर कोरिया उसे परमाणु तकनीक के बजाय सीधे परमाणु अस्त्र के विभिन्न अंश उसे उपलब्ध कर देना चाहता है, जिन्हें मात्र एक-दूसरे से जोड़कर परमाणु अस्त्र तैयार किया जा सकता है।

इसकी अंशतः पुष्टि उस समय हुई जब उत्तर कोरिया का एक मालवाहक जहाज़ ‘कांगनाम-१’ गुपचुप तरीके से उत्तर कोरिया से म्यांमार के लिए रवाना हुआ। अमेरिकी पोत को जब इसका पता चला तो उसने पीछा करना शुरू कर दिया। पोत को जब इसका संदेह हुआ तो वह वापस उत्तर कोरिया की तरफ़ भाग निकला। सेटेलाइट चित्रों तथा अन्य सूत्रों से मिली सूचनाओं के आधार पर बताया जा रहा है कि इस पोत में संभवतः स्कड मिसाइल के टुकडे़ भी लदे थे।

यद्यपि म्यांमार के लिए प्रमाणु क्षमता अर्जित करना आसान नहीं है, किन्तु यदि चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश उसे परमाणु अस्त्रों से लैस करना चाह रहे हों, तो यह बहुत मुश्किल भी नहीं है। अमेरिका स्थित ‘विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान’ के अध्यक्ष डेविड अलब्राइट के अनुसार म्यांमार में चल रही उच्चस्तरीय गुप्त बैठकों तथा वहाँ सुरंग जैसे निर्माण के उपग्रह चित्रों से इस संदेह को बल मिला है कि वह परमाणु अस्त्र निर्माण जैसे किसी गोपनीय योजना पर काम कर रहा है।

‘आसियान’ [एसियायी देशों के सहयोग संगठन] की थाइलैंड में हो रही बैठक में शामिल होने के लिए पहुँची अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी इस बात पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि अमेरिका ने अब फिर एशिया में अपनी सक्रियता बढा़ने का निर्णय लिया है। शायद वह म्यांमार के बारे में भी अपना रुख बदलने का प्रयास करे। देखना है कि बदले समय में इस क्षेत्र में अमेरिका किस त्रह अपनी भूमिका अदा करता है।


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[दैनिक ‘स्वतंत्र वार्ता’ दिनांक २३ जुलाई २००९ के सम्पादकीय से साभार]

4 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

विज्ञान की प्रगति के साथ साथ रचनात्‍मक कार्य अधिक होने चाहिए !!

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छा आलेख!

विवेक सिंह ने कहा…

कहीं परमाणु बम एक बार चले तो,

फ़िर देखियेगा, हथगोलों की तरह बरामद होंगे सब से ,

सबके पास हैं ये

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

यह तो पास के कछार के गांव वालों जैसा हाल है। खाने के लाले पड़े होते हैं पर जेब में कट्टा ले कर चलते हैं!