सोमवार, 20 जुलाई 2009

इक यही बात न भूली- जूली

मटुकनाथ और जूली की जोड़ी

तीन वर्ष पूर्व प्रो.मटुकनाथ ने अपनी छात्रा जूली के टांका जोड़ कर एक सनसनी फैला दी थी। हाँ, वही मटुकनाथ चौधरी जिन्हें ‘लव गुरू’ कहा जाने लगा था। पटना विश्वविद्यालय के अंतरगत बी.एन.कॉलेज के हिंदी विभाग में कार्यरत मटुकनाथ को अपनी छात्रा जूली के साथ कक्षा में प्रेम का पाठ पढ़ाने के लिए जुलाई २००६ में निलम्बित किया गया था। उस समय उनकी पत्नी ने भरी सभा में दोनों का मुँह काला करके कमरे में बंद किया था।

पटना विश्वविद्यालय की सिंडिकेट ने तीन वर्ष तक गौर करने के बाद अब यह फैसला लिया है कि मटुकनाथ ने गुरु-शिष्य के सम्बंध को बट्टा लगाया है जिससे विश्वविद्यालय की छवि आहत हुई है। विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर एस.ऐ.अहसन ने सिंडिकेट की सिफ़ारिश पर मटुकनाथ को नौकरी से निकाल दिया है।

अब मटुकनाथ जी बिना किसी झिझक गा सकते हैं-

याद नहीं अब कुछ, सिर्फ़ यही बात न भूली
जूली......I LOVE YOU...



3 टिप्‍पणियां:

विवेक सिंह ने कहा…

वाह क्या खबर ला रहे हैं !

Udan Tashtari ने कहा…

अब ट्यूशन पढ़ायेंगे में घर पर वह!!

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

अब फुलटाइम गुरु-शिष्या परम्परा का निर्वहन हो सकता है!